श क ष म त र सम य जन रद द

श क ष म त र सम य जन रद द

(जैसा क राज थान वधान सभा म पुरः था पत कया जायेगा). ऊंट के वध के. तषेध हेतु उपबंध करने और उसके. राज थान सेअ थायी जन या नयात का. ा धकार क शि तय का योग करने और. क बु कंग का त समय भार यि त;. और/या. (ii) ऐसा यि त, जो कसी रेल टेशन पर. रेल रसीद तैयार करता है ;. (ग) ऐसा परे षती िजसेपशुधन प रद त कया. यि त। 3. ऊंट के वध का तषेध.- त समय वृ त कसी भी. व ध म या कसी भी था या ढ़ म अ त व ट कसी तकूल. बात के होनेपर भी, कोई भी यि त कसी भी. (6) य द कोई भी यि त ऐसेऊंट रा य म, और पर मट. . हमार अथ यव था का मु य आधार कृ ष होनेके कारण,. सं ेप म कहा जा सकता है क समकाल नता एक कालखंड क सम याओं से प र चत.. 6.2तरनहर जमा रालिश जमा करन मत च:क या िसदन ोनखद कन नयन्य कर गढ़ी त ा ब्य:रन ााी ककाी. ्रणकार की. ोनखदााता ोनखद कन रद क करता है न वा इाकी शतों एव. हिन्दी शब्दकोष में शब्दों का क्रम होता है - अं अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ क क्ष ख ग घ च छ ज ज्ञ झ ट ठ ड ढ त त्र थ द ध न प फ ब भ म य र ल व श ष स ह . 31 जन 2017. 4 –ए, ाैक् टर 27-ोी, चण् डीगढ़ प र थित त न न कायायखय क लिखए दैननक आधार पर उ खब् ध. ह ल हक हZत य व शयद क ब अम ररक और य रS )प क$ स हहलतय क-ध र म उतपनन व क)भ क$ पर न भSतत न भ हहन ! क$ स हहतय-ध र क) कम परश न नह! हकय । भ ष हहन ! ह! थ । प तA क. आ श .' .. यह ; तक हक सस !य पततष न अपन जन ख)त गए और ह सय म तब !ल ह) त गए। अमरक त क$ कह न 'हतय र' क$ म स इस सत गत सचच ई क) समझ ज सकत ह@ । कह न क स थ 'नय ' शब क जड पर खSब बहस-मब हहस हए।. . न म र तसह 'स)दशयत ' क) अथ' व सत र त हए तलखत हi हक “मSलत इसक (स)द शयत ) अथ' ह@ एक इश र - इश र एक ह श क$ ओर य एक अन ख लसथतत क$ ओर।. स छटपट त हए लजस वयवT अथ सम ज क) यह पत न ह) हक ' कह ; ह@ और रय ह@ , उसक तलए उसक$ खत रग पर ह थ रख न भ 5 बहत बड! PRINTING THE LIST OF SYLLABLES: औङ ङि चि अल आ नड ं ए डि अ ळन गु अ गेस ं अ सस ं ए डि अ शिन गह शं ए रे फ अस ष हे गि ं अढ हर म युग णेत ढेल. मृ ति रुप में स मृ ति प टल पर तव रित ग ति से उभ र उ भर आ ते हैं फ लैट के गि रद का त रास दाय क वा ताव रण स टाफ कॉ मन रुप की चिम गो इ. आ यात रा की शु रु आत में घर आ ने का जो ए क अ ति रि कत उत साह उस के मन में था वह धी रे धी रे मर ता च ला जा र हा है बा हर का आं गन. .. में या दर वा जे पर भेज दे ती थीं पर सं गीत लह रि यों का मद धिम स वर उस के का नों को जै से ही सप रश कर ता ए क अ जीब सा सम मो . गई य+ कL ज+न[क[भलए आशनय( ककसT ब+( क[ब+र[म=कYई 7T /+द य+ अनय व/धIक क+ यc/ +ह` क[नí`य. सरक+र. सरक+र य+ कमcच +ररयJ य+ उसक[अधIक+ररयJ य+ अनय म= स[ककसT क[व/रद न हYगT।. 7+ग रप हY, अधIरYवप( कर(+ ह¢(Y /ह नय+य+लय, ननणcय द[( [समय, यह आद[श कर सक[ग + कक ऐस[वयकP(. और ऐसT अ/धI क[भलए जY उसम=व/ ननरदcषट कL ज+ए, पTडक जन(N घYवष( कर सक[ग T और जब (क ऐसT. कL र`न( I+र+ 5क कL उपI+र+ (2) क[अITन र+ष]`य बYरcद/+र+ अनNसरर( कL ज+न[. . क[$[त क[अन(गc( नह`" ह¢इस अधIननयम क[उपब"I J कY क+य+cकन/( करन[क[भलए ननयम, अधIसçचन+ द/+र +. म नस वनम .ण क वतव2 • म नस क रप और म ह त4य • य ज ल6य-भरद ज स द त2 पय ग म ह त4य • सत क भम, श र मज क ऐशय. और सत क ख%द • व- ज द र सत क तय ग, व- ज क सम वध. ध • सपरषयG क पर क म= प .त ज क महत • क मद% क द% क य. क% वलए ज न और भसम ह?न • रवत क? रद न. Page. 2 ॥श र मचररतम नस ॥ • द% त ओ क व- ज स% बय ह क % वलए प 2.. ल[Vकर श र मज क? महल म= भ%जन • श र म-कJ क% य स द • श र म-द- र2 स द, अ ध वसयG क व ष द, कJ क% य क? समझ न • श र म-क[सलय स द • श स त -र म स द म"नस क" रप और म"ह"तQय. • य"ज.लSय-भरद"ज स6. "द तO" पय"ग म"ह"तQय. • सत क" भम, श र"मज क" ऐशयKऔर सत क" खBद. • वJ.ज द"र" सत क" तय"ग, वJ.ज क, सम"वध. ज क, व.वचत ब"र"त और व.."ह क, तiय "र. • वJ.ज क" व.."ह. • वJ.-प".Kत स6. "द. • अ.त"र कB हBत9. • न"रद क" अवभम"न और म"य" क" पभ". • व.शम^वहन क" स.य6. र, वJ.गणf क^ तO" भग.. .. म6ज 9ल म6ग ल म^द पस1त ॥ जन मन म6ज 9म9क9र मल हरन । ककएp वतलक ग9न गन बस करन ॥2॥ .ह रज स9क kवत (प9णय."नN प9र ष) रप वJ.ज कB Jर र पर स9J^ वभत . यही नह क यूटर क टे ॉलोजी मइतनी तेज़ी सेप रवतन हो रहा है क य द आप उसके साथ साथ नह चलगेतो ब त पीछे छूट. सकतेहै।. जन गण मंगलदायक जय हे. . अ य: गंभ ीर व<स. संर क: ंर क: संर क: ंर क: महामिहम. ीमती सुज ाता सह (ऑ ेिलया म पूव भारत. उ ायु), महामिहम हत शु ला (ऑ ेिलया मपूव भारत उ ायु),. था, उ ीस सौ उ ह र क जुल ाई। नील. आम ांग के िनधन का समाचार पढ़ा. तारीख भी पता चल गई, बाईस। म उस. दन अपनी निनहाल इगलास म था जब. .. कबीर (1398-1518) कबीरदास, कबीर साहब एवंसंत कबीर जैसे प म िस म यकालीन भारत के वाधीनचेता महापु ष थे। 31 दिसं 2013. सींक धनु ष सायक संधाना।। दो0-अ त कृ. ेम बा र वौ जन अ हवाए।। दे ख राम छ. वै र वं दतं। अजा द दे व से वतं।। 3. भु ी राम जी का आशीवाद सब पर सदा बना रहे (S. Sood ) वशु बोध व हं। सम त दूषणापहं।। नमा म इं दरा प तं।. भजं त ह न म सरा।। पतं त नो भवाणवे। वतक वी च संकले।। ु व व त वा सनः सदा। भजं त मु तये मु दा।। नर य इं या दक। यां त ते ग तं वक।। ं ं तमेकम दुतं भु ं। नर हमी वरं वभु ं।। जग गु ं च शा वतं। तु र यमेव कवलं।। े भजा म भाव व लभं। कयो गनां सु दलभं।। ु ु वभ त क प पादपं। समं सु से. … बनु जल बा रद दे खअ जैसा।। ै नवधा भग  . मउन सभी रचनाकार को बधाई देता हँ जनके ूयास से आज इस. ू. गौरवशाली दवस के अवसर पर मौसम मंजूषा का नया अंक अ ः त व. म आया।. संपादक य. भारत मौसम व ान वभाग क ः थापना हए. ु 138 वष बीत चुके ह। इस. ल बे अंतराल म वभाग ने मौसम का यवहार जानने के िलए हर क ठनाई,. सेवाएँ दे सक। मॉनसून, तूफान, कृ ष आ द के. ेऽ म तो वभाग शु से. अपनी सेवाएँ दे ह रहा है। पयटन, पवतारोहण, तीथ याऽाओं, भारतीय. ए. एम. भ ट. ❖ रा ीय ज बे का यादगार दन 102. ▫ पोषण लाल देवाँगन. ❖ रा ीय पंचांग. 105. ▫ डॉ गु द िमौ. ❖ समय का सदपयोग . ु. 112. ▫ एम. आर. कालवे.. \\adm2dhuri\d\recruitment 2016-17\निवड यादी\niwad yadi 2016-17 पात्र अपात्र.docx - 5 - गिपत्र पडत ळण..